ऑरा गज़ट
सोमवार, 29 दिसंबर, 2025
सत्यम, शिवम, सुंदरम
विशेष खोजी रिपोर्ट
प्रोजेक्ट 'साइलेंट सिनैप्स': महाशक्तियों का गुप्त AI समझौता उजागर
क्या 2026 में इंटरनेट दो हिस्सों में बंट जाएगा? जिनेवा से लीक हुए वर्गीकृत दस्तावेजों ने वैश्विक डेटा संप्रभुता पर खड़े किए गंभीर सवाल।
Confidential / Classified
चित्र: लीक हुए सर्वर ब्लूप्रिंट का डिजिटल रिकंस्ट्रक्शन
जिनेवा (ब्यूरो) — Chief Admin, दुनिया जिस तकनीकी क्रांति का जश्न मना रही है, उसकी नींव में एक गहरा षड्यंत्र छिपा है। ऑरा गज़ट की विशेष जांच टीम 'इन्वेस्टिगेटिव विंग' के हाथ लगे 400 पन्नों के वर्गीकृत दस्तावेज इस बात की तस्दीक करते हैं कि दुनिया की तीन बड़ी महाशक्तियों ने गुप्त रूप से 'प्रोजेक्ट साइलेंट सिनैप्स' पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता, जो आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र की नजरों से दूर हुआ है, का उद्देश्य 'जनरल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AGI) के विकास को केवल सरकारी नियंत्रण में रखना है। इसका सीधा अर्थ है कि ओपन-सोर्स AI और विकेंद्रीकृत (Decentralized) नेटवर्क को 2026 के मध्य तक अवैध घोषित कर दिया जाएगा।
वित्तीय बाजारों पर प्रभाव: लीक हुए मेमो से पता चलता है कि 'सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी' (CBDC) को इस नए AI ग्रिड से सीधे जोड़ा जाएगा। इसका मतलब है कि प्रत्येक नागरिक का वित्तीय व्यवहार एक स्वायत्त एल्गोरिदम की निगरानी में होगा। यह निजता के अधिकार पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार है।
हमारे सूत्रों के अनुसार, सिलिकॉन वैली की दो दिग्गज कंपनियों ने इस समझौते के लिए बैकडोर तकनीक मुहैया कराई है। बदले में, उन्हें सरकारी ठेकों में एकाधिकार (Monopoly) का वादा किया गया है।
"यह सुरक्षा का मामला नहीं है, यह पूर्ण नियंत्रण का ब्लूप्रिंट है।" — पूर्व खुफिया अधिकारी (नाम गोपनीय)
Chief Admin, यह रिपोर्ट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि 'साइलेंट सिनैप्स' सक्रिय हो गया, तो सूचना का स्वतंत्र प्रवाह समाप्त हो जाएगा। हमारी टीम ने पाया कि प्रशांत महासागर के नीचे नई फाइबर ऑप्टिक केबल्स बिछाई जा रही हैं, जो केवल सैन्य-ग्रेड एन्क्रिप्शन को सपोर्ट करती हैं। इसे 'डार्क-नेट' को भौतिक रूप से अलग करने की तैयारी माना जा रहा है।
आने वाले हफ्तों में, हम उन कॉरपोरेट लॉबिस्टों के नामों का खुलासा करेंगे जिन्होंने इस संधि को अंजाम दिया। यह लड़ाई अब केवल तकनीक की नहीं, बल्कि मानव चेतना की स्वतंत्रता की है।
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