NASA Scientific Discovery: अंतरिक्ष में एडवांस प्लांट हैबिटेट (APH) में मूली की सफल खेती और PH-02 मिशन की ऐतिहासिक उपलब्धि
1. एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट (APH) क्या है?
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station - ISS) और नासा के केनेडी स्पेस सेंटर (Kennedy Space Center, Florida) में स्थापित एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट (Advanced Plant Habitat - APH) नासा द्वारा निर्मित अब तक का सबसे बड़ा और सबसे परिष्कृत प्लांट चैंबर है। यह एक स्वायत्त (Autonomous) प्लांट ग्रोथ फैसिलिटी है जिसे अंतरिक्ष की विषम परिस्थितियों और शून्य-गुरुत्वाकर्षण (Microgravity) में जैविक विज्ञान अनुसंधान करने के लिए विकसित किया गया है।
APH चैंबर में 180 से अधिक सेंसर लगे हुए हैं जो लगातार तापमान, आर्द्रता, कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का स्तर, ऑक्सीजन, पानी की मात्रा और प्रकाश (Light LED Matrix) की निगरानी और नियंत्रण करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से खाद्य आपूर्ति पर निर्भर रहे बिना लंबे समय तक अंतरिक्ष अभियानों में जीवित रहने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है।
प्रमुख वैज्ञानिक तथ्य: NASA APH & PH-02 Telemetry
APH नासा का पूरी तरह से स्वचालित (Fully Automated) ग्रोथ चैंबर है। जून 2019 में केनेडी स्पेस सेंटर के स्पेस स्टेशन प्रोसेसिंग फैसिलिटी (SSPF) में APH ग्राउंड यूनिट के भीतर PH-02 साइंस वेरिफिकेशन टेस्ट सफलता पूर्वक आयोजित किया गया, जिसने ISS पर मूली की सफल कटाई (Harvest) की नींव रखी।
2. PH-02 प्रयोग और मूली (Radish) की फसल का चयन क्यों?
नासा के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में कृषि परीक्षणों (PH-02 मिशन) के लिए मूली (Raphanus sativus) का चयन काफी सोच-समझकर किया। अंतरिक्ष कृषि विज्ञान के दृष्टिकोण से मूली को चुनने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- तेज विकास चक्र (Rapid Growth Cycle): मूली केवल 27 से 30 दिनों के भीतर पूरी तरह से पककर तैयार हो जाती है, जिससे वैज्ञानिकों को कम समय में सटीक वैज्ञानिक डेटा प्राप्त होता है।
- उच्च पोषण मान (Nutritional Value): यह विटामिन सी, पोटेशियम, फाइबर और आवश्यक खनिजों से भरपूर होती है, जो लंबे अंतरिक्ष अभियानों में अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
- आनुवंशिक गुण (Genetically Well-Understood): मूली के जेनेटिक मॉडल को वैज्ञानिक गहराई से समझते हैं, जिससे माइक्रोग्रेविटी में इसके सेलुलर और न्यूट्रिशनल बदलावों का अध्ययन करना आसान हो जाता है।
3. स्वायत्त तकनीक: शून्य-गुरुत्वाकर्षण (Zero-Gravity) में कृषि
पृथ्वी पर पौधों की जड़ें गुरुत्वाकर्षण (Gravity) की दिशा में नीचे की ओर बढ़ती हैं और तना प्रकाश की ओर ऊपर की ओर बढ़ता है। परंतु अंतरिक्ष में शून्य-गुरुत्वाकर्षण होने के कारण पौधों को दिशात्मक संकेत नहीं मिलते।
APH प्रणाली में विशेष रूप से डिजाइन की गई **रेड, ब्लू, ग्रीन और वाइट LED लाइट्स** का उपयोग किया जाता है जो पौधों को प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) के लिए आवश्यक प्रकाश स्पेक्ट्रम प्रदान करती हैं। इसके अलावा, छिद्रयुक्त क्ले मैटेरियल (Porous Clay Matrix) और नियंत्रित ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग करके जड़ों को सीधे जल और पोषक तत्व पहुंचाए जाते हैं, जिससे पानी की बूंदें शून्य-गुरुत्वाकर्षण में हवा में तैरने के बजाय सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचती हैं।
4. चंद्रमा (Moon) और मंगल (Mars) अभियानों के लिए अंतरिक्ष कृषि का महत्व
नासा का आर्टमिस प्रोग्राम (Artemis Program) चंद्रमा पर मानव की स्थायी उपस्थिति और उसके बाद मंगल ग्रह (Mars Mission) पर मानव को भेजने की योजना बना रहा है। पृथ्वी से मंगल ग्रह तक जाने और वापस आने में लगभग 3 साल का समय लग सकता है।
इतने लंबे समय के लिए पृथ्वी से पैक किया हुआ भोजन भेजना अत्यधिक महंगा, भारी और व्यावहारिक रूप से असंभव है। इसके अलावा, समय के साथ डिब्बाबंद भोजन में मौजूद आवश्यक पोषक तत्व और विटामिन नष्ट होने लगते हैं। APH जैसी प्रौद्योगिकियां अंतरिक्ष यात्रियों को ताजा, पौष्टिक और जैविक भोजन (Fresh Organic Food) उपलब्ध कराने में क्रांतिकारी भूमिका निभाएंगी।
5. नासा ओपन साइंस डेटा नेटवर्क और भावी अनुसंधान
PH-02 सत्यापन परीक्षण और APH से प्राप्त सभी वैज्ञानिक आंकड़े (Data) NASA Open Science Data Network (OSDR) के माध्यम से दुनिया भर के शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए खुले तौर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
Royal Bulls Advisory (RBA News) के विज्ञान विश्लेषकों का मानना है कि अंतरिक्ष कृषि प्रौद्योगिकियों से न केवल स्पेस एक्सप्लोरेशन को फायदा होगा, बल्कि पृथ्वी पर जलवायु परिवर्तन (Climate Change), सूखे की समस्या और सीमित कृषि योग्य भूमि वाले क्षेत्रों में भी वर्टिकल फार्मिंग (Vertical Farming) और हाइड्रोपोनिक्स तकनीकों में अभूतपूर्व प्रगति होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)
APH (Advanced Plant Habitat) क्या है?
APH नासा द्वारा निर्मित एक स्वचालित (Autonomous) और नियंत्रित वातावरण वाला ग्रोथ चैंबर है जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) और पृथ्वी पर प्रयोगशालाओं में पौधों पर अंतरिक्षीय वातावरण का अध्ययन करने के लिए उपयोग किया जाता है।
PH-02 मिशन के तहत नासा ने मूली की फसल को ही क्यों चुना?
मूली 27 से 30 दिनों में तेज़ी से उगती है, इसके लिए कम स्थान की आवश्यकता होती है, और यह विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसका जेनेटिक ढांचा भी वैज्ञानिकों द्वारा पूरी तरह से समझा जा चुका है।
क्या अंतरिक्ष में उगाई गई मूली खाने योग्य और सुरक्षित है?
हां, नासा के वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों ने सूक्ष्मजैविक परीक्षणों (Microbiological Tests) के बाद अंतरिक्ष में उगाई गई मूली को सुरक्षित और पौष्टिक पाया है।
इस खोज का भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों जैसे आर्टमिस या मंगल मिशन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह खोज अंतरिक्ष यात्रियों को लंबी अवधि के अंतरिक्ष अभियानों (Moon & Mars Missions) के दौरान ताज़ा भोजन और ऑक्सीजन प्रदान करने में आत्मनिर्भर बनाएगी, जिससे पृथ्वी से आपूर्ति पर निर्भरता कम होगी।
निष्कर्ष एवं RBA News का दृष्टिकोण
नासा के एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट (APH) में मूली की सफल खेती (PH-02) केवल एक वानस्पतिक प्रयोग नहीं है, बल्कि यह भविष्य में मानव सभ्यता के अंतरग्रहीय (Interplanetary) बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। अंतरिक्ष में कृषि प्रणाली को सफल बनाकर विज्ञान ने साबित कर दिया है कि मानव न केवल पृथ्वी पर बल्कि चंद्रमा, मंगल और उससे आगे भी जीवन की संभावनाएं तलाश सकता है।
रॉयल बुल्स एडवाइजरी (Royal Bulls Advisory) में हम विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के क्षेत्र में हो रहे ऐसे दूरगामी विकासों का विश्लेषण आपके सामने लाते रहते हैं।
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